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कुछ महीनों से गाँव में कंचों का ट्रेंड चल रहा था। गाँव में हर दूसरा बच्चा कंचों के साथ खेलते हुए दिखाई देता था। रंग-बिरंगे, गोल-गोल कंचें जो बच्चों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। ये कंचों का खेल बच्चों को बहुत लुभा रहा था। गाँव की मिट्टी में सने हुए हाथ-पाँव की परवाह किए…

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“प्रेम पर उम्र का पर्दा नही” संस्कारों के घने आँचल में जैसे एक कहानी लिखी जा रही थी। समय पर उठना समय पर खाना समय पर सोना जैसे एक टाइम टेबल में जीवन के सभी कामों को पँक्ति बद्ध करने की किसी ने ठान रखी हो, और उधर दूसरी ओर वो दबे पाँव अपने वजूद…

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ऑनलाइन धोखा पब में चकाचक रौशनी फैली हुई थी ।चारो तरफ रगं-बिरगीं तेज लाइट का प्रकाश माहौल को और भी नशीला बना रहा था। ऑर्केस्ट्रा पर एक लड़की जिसने नाम मात्र के ही कपड़े पहन रखे थे, अपने उत्तेजक डांस से वहां मौजूद लोगो के नसों में उत्तेजना भर रही थी। सभी लोग उसकी तरफ…

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“…मम्मा, मम्मा !…ऊँहूँ हुँ ऊँहूँ!” निक्की आकर माँ के गले लग रोने लगी| “क्या बात हैं, बिटिया, क्यों रोए जा रही है।” माँ ने सशंकित होकर पूछा| निक्की बिलखते हुए बोली, “मम्मा, आज फिर उस लफंगे ने मुझको छेड़ा।” “कौन ? कहाँ ..? मुझसे क्यों न कहा ? चुप हो जा और चल मेरे साथ।…

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शनिवार का दिन था, स्कूल की छुट्टी के बाद सभी बच्चे अपने-अपने घर को जा रहे थे। कुछ बच्चे रिक्शे से घर जा रहे थे, कुछ गाड़ी से, कुछ अपने माता-पिता के साथ निजी गाड़ियों से तो कुछ पैदल। पैदल जाने वाले दोस्तों का एक ग्रुप बन जाता है जो साथ-साथ घर जाते हैं। रवि…

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तो उस रात भी हर बार की तरह मेरे दिल ने मुझसे कहा की मुझे उससे बात कर लेनी चाहिए फिर क्या था मैंने अपना सेल उठाया और उसको कॉल मिला दिया हमेशा की तरह ही उसने फिर कहा प्रिंस तुझे क्या होता है कि जब भी मुझे जरुरत होती है, जब भी मैं परेशान…

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तो उन रास्तों से आना जाना मेरा रोज़ का हिस्सा था हमेशा की तरह में अपनी धुन में मस्त गाते गाते सोचता सोचता निकल ही रहा था कि उन जानी पहचानी दो आँखों ने मुझे अपनी अोर खींचा उसने अपना चेहरा ढके हुए था मेने गाड़ी रोकी और उसकी तरफ बढ़ा पर दो पल के…

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कई बार बचपन की हरकतों को याद करते ही चेहरे पर एक हँसी आ जाती है। जब भी बचपन की यादें ताज़ा होती है तब चेहरे पर एक नया भाव होता है, इस भाव में लीन होते ही कई बार ख़ुशी के आँसू निकल जाते है तो कई बार एक विस्मयकारी हँसी आ जाती है।…

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रवि सुबह से बड़ा बेचैन था, आज बारह बजे बाहरवीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा का परिणाम आने वाला था। परिणाम का तो सभी छात्रो को बेसब्री से इंतज़ार रहता है। रवि को भी अपनी परीक्षा का बेसब्री से इंतज़ार था, उसका यह इंतज़ार कुछ घण्टे में खत्म होने वाला था। सुबह से उसे एक-एक पल…

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जानता हूं मैं कि जानती है वो मुझसे बेहतर कैसी मोहब्बत चाहिये मुझे आखिरकर यूं खुल के कभी कहा नहीँ उससे पर आज उसकी नज़रों ने कुछ ऐसी क़यामत बरपायी कि पूरे कपड़ों में आज मुझे वो ‘दैहिक-आनंद’ की साक्षात प्रतिमा नजर आयीं अपनी निगाहों की बेसब्र उंगलियों से उसकी हर वक्रता को टटोलता उस,…