कहा जाता है जब इंसान के पास पैसा आता है तो साथ में कईं जिम्मेदारियां भी आती है, जिम्मेदारी जरुरतमंदो का ख्याल रखने की, लेकिन पिछले कुछ दिनों से जिस लापरवाही से रईस बाप की औलादें नशे में धुत होकर फुटपाथ पर सोने वाले उन गरीब इंसानों को रौंद रहे हैं, उसी डर को बयां करती यह छोटी सी कहानी|

 

सुनने में आया है आज-कल अमीरी ने अपना पेशा बदल लिया है, अब गरीबों को सताने की जगह सीधा मारने का नया कारोबार शुरू किया है! शायद सही भी है वैसे भी ‘एंटरप्रेन्योर’ बनने का सीजन चल रहा है ! आज कल ‘अमीरी’ मौत बन कर घूम रही है सड़कों पर गाड़ियों के ’steering’ के पीछे बैठे हुए, अय्याशी के नशे में मदमस्त और बेपरवाही में चूर! गाड़ियां रात में मौत बन कर घूमती हैं सड़कों पे, जैसे दहशत फ़ैलाने कोई दहशतगर्द निकला हो आँखों पर काली पट्टी बांध, बस इस लक्ष्य से की सारी इंसानियत का खात्मा करके ही मानेगा! डर का ऐसा माहौल पसरा है कि बिन छत्त वालों का सोना भी दूभर हो गया है अब तो! अब तो डर के मारे छोड़ दिया है गरीबो ने फुटपाथ पे सोना ! न जाने क्या पता, किसी दिन मौत रफ़्तार भर कर आये और गरीबो के हिस्से की नींद भी ले जाए !

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