बक्शे में बंद एक तिरंगे ने दुसरे तिरंगे की कान में फूस-फसाया,

की सुना है आजादी का दिन पास आ गया है ?

चलो अच्छा है,

एक दिन के लिए ही सही फिर से हमें,

आवारा बन,

मदमस्त हवाओं की उन लहरों को चूम,

कुछ वक़्त के लिए ही सही,

‘आजाद’ होने का एहसास तो होगा !!

#Irony

#IndependenceDay

Share If You Care!

Responses