तो उस रात भी हर बार की तरह मेरे दिल ने मुझसे कहा की मुझे उससे बात कर लेनी चाहिए

फिर क्या था मैंने अपना सेल उठाया और उसको कॉल मिला दिया

हमेशा की तरह ही उसने फिर कहा प्रिंस तुझे क्या होता है कि जब भी मुझे जरुरत होती है, जब भी मैं परेशान होती है तेरा कॉल हमेशा होता है (क्यू प्रिंस)

हमेशा की तरह उस रात ये बातें मुझे सामान्य नहीं लगी मेरे जज्बात जैसे की फुट पड़े हॉ, मेरा अपने भावो पे कोई नियंत्रण न रहा हो लगातार एक के बाद एक अश्रु गिरते चले जा रहा हो, किसी ने दिल पे वॉर किया हो जैसे

हमेशा की तरह मैंने इस बार भी उसे समझाया कि अगर कभी वो परेशान हो तो मुझे कॉल कर लिया करे पर इस बार मेरा उसे समझाना थोडा सा अलग था

आवाज़ जो कि बहुत धीरे निकल रही थी आँखों से लगातार गिरते अश्रुओ ने जैसे आवाज़ को समेट लिया हो

इस बार मेरी ये बातें उसको दिल से लगी वो हैरान थी कि इस बार आखिर ऐसा क्या हुआ है मैं ऐसा तो कभी नहीं होता

पर उस रात मैंने बोलने से पहले कुछ नहीं सोचा बस मैं बोलता रहा

आखिर इस बार उसने दिल से माना कि हा अब हर बार जब कभी वो दुखी रहेगी वो मुझे कॉल कर लेगी

उसने लाख मनाया कहा की इतना प्यार नहीं करते

पर ये दिल नहीं मानता

न मैं इसे प्यार कहता हु

पर वो हमेशा इसे यही नाम देता है

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