‘लालटेन’ सी रोशनी में भी’वो’ सरहद पे पहरेदारी करता है,
बस इस ख्याल में की,
कहीं किसी आँगन में रोशनी,हँसी, ख़ुशी और सुकून
आपस में गप्पे लड़ाती होंगी।।

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