Author: Tanesh Jindal

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देश के प्रति अपनत्व की भावना में उत्पन्न हास|   भोर का समय थाl सारा गांव निद्रा के साये में थाl आसमान में चांद रात्रि के साथ रास रचाकर विदा लेने की तैयारी कर रहा थाl विदाई के दु:ख से उसकी चमक कुछ फीकी सी हो गयी थीl अभी जिस आसमान में कुछ समय पूर्व…

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कुर्सी पर बैठा विपिन आज कुछ सोचे जा रहा था, पता नहीं क्या था जो उसे मन ही मन बेचैन किये जा रहा था| पहले लगा की माँ से बात नहीं की फोन पर आज, यही बेचैनी की वजह होगी शायद| माँ को फोन लगाया| माँ से बात समाप्‍त की, तो कुछ अच्‍छा लगा| बातें…