Category Archives: जिंदगी

अमरुद का पेड़

कई बार बचपन की हरकतों को याद करते ही चेहरे पर एक हँसी आ जाती है। जब भी बचपन की यादें ताज़ा होती है तब चेहरे पर एक नया भाव होता है, इस भाव में लीन होते ही कई बार ख़ुशी के आँसू निकल जाते है तो कई बार एक विस्मयकारी हँसी आ जाती है।…

वह अनोखा प्रश्न

तो गाडी अपनी रफ़्तार से आगे बढ़ रही थी, हम सब मंजिल से थोड़ा ही दूर थे क़ि रास्ते में एक चौराहा पड़ा| हमेशा की तरह ही वहा छोटे छोटे बच्चे अपनी जीविका चलाने के लिए कुछ न कुछ बेचने मे व्यस्त थे, गाड़ी चलने ही वाली थी कि मेरा ध्यान अपनी 4 वर्ष की…

ख्वाहिश

हर्ष आज अपने दोस्तों के साथ बाजार घूमने चला गया। उसे घूमने-फिरने का बहुत शौक था, उसके लिए तो वह कोई न कोई बहाना ढूंढ ही लेता था। उसकी उम्र तकरीबन ग्यारह वर्ष की होगी। बचपन से उसे अलग-अलग जगहों पर घूमने-फिरने की हमेशा उत्सुकता रहा करती थी। घर में उसे बाहर अकेले घूमने-फिरने की…

स्नेह

मनोज अपने पाँव पटकते हुए घर से निकल गया, मन ही मन पता नही क्या-क्या बड़बड़ा रहा था, चेहरे पर गुस्सा झलक रहा था, आँखे लाल हो गई थी, आँखों में पानी था और सीधे तालाब के पास खाली जगह पर पहुँच गया। आज दूसरो के पेड़ से आम तोड़ते हुए उसके बड़े भैया ने…

शर्मिंदगी

शहरी लोगों को नहीं पता होता है कि गांव क्या होता है, खेत क्या होते हैं, पोखर क्या होता है। हालांकि उनको कुछ बेहतर पता होती हैं। जैसे- पछतावा, ग्लानि और शर्मिंदगी। गांव के लोग इन चीजों के बारे में कुछ नहीं जानते… बरसात का मौसम चरम पर था। तालाब, पोखर वगैरह सारे भरे हुए…

वाघा बॉर्डर और एक सवाल

हाँ इस ओर तिरंगा था और उस ओर चाँद-सितारा। जोश भी वही था, सम्मान भीवही। एक सी ही तो थी हवाओं में वो माटी की खुशबू।एक से ही लोग थे, एक सा ही भेष।एकसी ही बोल थी और एक सा ही देश। एक शाम दोस्तों के संग मैं निकला था घूमने। अपने देश की शान को आँखों से…

हम चुप रहते हैं|

माना कि लाइफ फ़ास्ट हो गयी है,हमारी जरूरतें भी काफी भास्ट हो गयी हैं, इनसब को पूरा करने के लिए ‘सक्सेसफुल’ तो बन गए हैं हम, पर इस बीच कहीं इंसानियतलॉस्ट हो गयी हैं।     मुँह पर लगाकर ख़ामोशी का ताला, आँखों पर बांधकर पट्टी। कानो को हाथों से ढककर, हम बढ़ जाते हैं…

सज़ा

यह कहानी है एक ऐसे इंसान की है जिसने नि:स्वार्थ होकर दो बेकसूरों की जिन्दगी बचायी|   राघव सिन्हा सरकारी विभाग में एक बड़े अधिकारी थे| लम्बा चौड़ा कद, सपाट और चमकता चेहरा, हल्का गेहुआं रंग, तेज चाल ये सब उनके व्यक्तित्व की विशेषताएं थीं| अपने समय मे लॉ पास किया था तो विभाग के…

मदद

यह कहानी एक युवा की है जिसने सालों पहले अपने उपर किए गये एक अहसान का कर्ज़ वर्तमान में चुकाया|   शेखर एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करने वाला महत्वाकांक्षी युवक था| पिछले कुछ सालों से वह बाहर विदेश में था| अभी-अभी उसका स्थानांतरण भारत में हुआ| अभी एक साल भी नहीं हुआ था उसे…

ठंडा पानी

सर्दियों में नहाना किसको पसन्द होता है? किसी को नहीं। सब का मन करता है रजाई में घुसे रहने का। लेकिन जिनके पास रजाई नहीं है वो  क्या करेंगे? जैसे कि मछलियाँ और… “अरे तू नहाया नहीं अभी तक?” “नहीं…सर्दी लग रही है।” “कम्बल में बैठा रहेगा तो सर्दी तो लगेगी ही। बाहर निकल देख…