Category Archives: रिश्ते

इतना प्यार नहीं करते

तो उस रात भी हर बार की तरह मेरे दिल ने मुझसे कहा की मुझे उससे बात कर लेनी चाहिए फिर क्या था मैंने अपना सेल उठाया और उसको कॉल मिला दिया हमेशा की तरह ही उसने फिर कहा प्रिंस तुझे क्या होता है कि जब भी मुझे जरुरत होती है, जब भी मैं परेशान…

जिंदगी का सरप्राईज

कुर्सी पर बैठा विपिन आज कुछ सोचे जा रहा था, पता नहीं क्या था जो उसे मन ही मन बेचैन किये जा रहा था| पहले लगा की माँ से बात नहीं की फोन पर आज, यही बेचैनी की वजह होगी शायद| माँ को फोन लगाया| माँ से बात समाप्‍त की, तो कुछ अच्‍छा लगा| बातें…

‘बिन्दु और बिंदी- अनोखा इश्क़’

तुम भी जब अपने कोरे चेहरे पर बस ‘बिंदी’ लगाती हो, तो तुम्हारे चेहरे कोपढ़ने में जो आनन्द की अनुभूति होती है भला वो भी शब्दों में कहाँ बयान  हो पाता है|   यूँ तो ईश्वर की हर रचना को शब्दों के सहारे जोड़कर या तोड़कर ‘नज़्म’ कर देता हूँ ! पर जब बात तुम्हारी आती है तो…